ज्योतिष सीखें
कुंडली के मूल तत्व
कुंडली 9 ग्रहों को 12 राशियों और 12 भावों में रखती है, और चंद्रमा का नक्षत्र जीवन के अध्याय (दशाएँ) तय करता है। कहीं से भी शुरू करें।
9 ग्रह
सूर्यआत्मा, जीवन शक्ति, पिता, अधिकार और आत्मविश्वास।…चंद्रमन, भावनाएँ, माता, सुख और दिनचर्या।…मंगलऊर्जा, साहस, भाई-बहन, भूमि और कर्म की प्रेरणा।…बुधबुद्धि, वाणी, शिक्षा, व्यापार और तेज़ सोच।…गुरुज्ञान, गुरु, संतान, आस्था और वृद्धि।…शुक्रप्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला और सुख-सुविधाएँ।…शनिअनुशासन, कर्म, धैर्य, आयु और समय के साथ मिलने वाली सीख।…राहुइच्छा, महत्वाकांक्षा, विदेश और अपरंपरागत। चंद्रमा का उत्तर प…केतुवैराग्य, अंतर्ज्ञान, पुरानी आदतें और आध्यात्मिक मुक्ति। चंद्…
12 राशियाँ
27 नक्षत्र
- 1. अश्विनी
- 2. भरणी
- 3. कृत्तिका
- 4. रोहिणी
- 5. मृगशिरा
- 6. आर्द्रा
- 7. पुनर्वसु
- 8. पुष्य
- 9. आश्लेषा
- 10. मघा
- 11. पूर्वा फाल्गुनी
- 12. उत्तरा फाल्गुनी
- 13. हस्त
- 14. चित्रा
- 15. स्वाति
- 16. विशाखा
- 17. अनुराधा
- 18. ज्येष्ठा
- 19. मूल
- 20. पूर्वाषाढ़ा
- 21. उत्तराषाढ़ा
- 22. श्रवण
- 23. धनिष्ठा
- 24. शतभिषा
- 25. पूर्वा भाद्रपद
- 26. उत्तरा भाद्रपद
- 27. रेवती
12 भाव
| 1 | स्वयं, शरीर और व्यक्तित्व |
|---|---|
| 2 | धन, परिवार और वाणी |
| 3 | साहस, भाई-बहन और प्रयास |
| 4 | घर, माता और मन की शांति |
| 5 | संतान, बुद्धि और रचनात्मकता |
| 6 | स्वास्थ्य, सेवा और बाधाएँ |
| 7 | विवाह और साझेदारी |
| 8 | परिवर्तन, शोध और आयु |
| 9 | भाग्य, धर्म और गुरु |
| 10 | करियर, प्रतिष्ठा और कर्म |
| 11 | लाभ, मित्र और इच्छाएँ |
| 12 | व्यय, विश्राम और मोक्ष |